अध्याय १: विरह की वेदना और महादेव का आशीर्वाद
अमावस की काली रात ने संग्रामगढ़ गाँव और उसके पास के घने जंगलों को अपने साए में ले लिया था। हर ओर सन्नाटा था, जिसे सिर्फ़ उल्लुओं की डरावनी आवाज़ें तोड़ रही थीं। आसमान एकदम खाली था — ना चाँद, ना तारे।
उसी रात, एक इच्छाधारी नागिन नयनतारा, अपने गर्भ में बच्चे को लिए बैठी थी। उसकी आँखों में चिंता और डर साफ़ नजर आ रहा था। बार-बार अपने पति दंश की ओर देख रही थी, मानो कोई अनहोनी होने वाली हो। दंश भी परेशान था, लेकिन वह अपनी बेचैनी नयनतारा से छिपा रहा था।
दंश, एक इच्छाधारी नाग और भगवान शिव का भक्त था। उसने कठोर तप करके महादेव से अमरता और नागमणि की रक्षा की जिम्मेदारी पाई थी। उसे और नयनतारा को जन्म-जन्म तक साथ रहने का आशीर्वाद मिला था। उनके पास नागमणि थी जो उन्हें अद्भुत शक्तियाँ देती थी। लेकिन अमावस्या की रात उनकी सारी शक्तियाँ कमजोर हो जाती थीं। और अगर उस रात वे मनुष्य रूप लेते, तो 10 साल तक वे फिर से इंसान नहीं बन सकते थे।
गाँव में संकट
इसी बीच, घर में आग लग गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। दंश ने आग से बचने की कोशिश की, लेकिन कमजोर होने के कारण वह फँस गया। कुछ गाँव वालों ने उसे जलती लकड़ियों से मारने की कोशिश की।
नयनतारा का बलिदान
दूर अपने बिल में बैठी नयनतारा को दंश की दर्द भरी चीखें सुनाई दीं। वह दौड़ी-दौड़ी आग की ओर पहुँची। वहाँ उसने देखा — दंश आग में घिरा हुआ था। वह बिना कुछ सोचे आग में कूद पड़ी और दंश को बाहों में भर लिया।
वियोग और आशा
जब नयनतारा को होश आया, दंश का शरीर वहाँ नहीं था। वह जंगल में उसे ढूँढ़ने लगी, मगर कहीं नहीं मिला। वह टूटे दिल के साथ महादेव के मंदिर पहुँची और कहा, “मेरे पति ने इतना बलिदान दिया, फिर ऐसा अंत क्यों?”
महादेव प्रकट हुए और बोले, “दंश को इस जन्म से मुक्ति मिली है। अगले जन्म में वह एक ब्राह्मण के रूप में जन्म लेकर फिर से तुम्हारा पति बनेगा।”
अब नयनतारा हर दिन उसी पल का इंतजार कर रही है — जब उसे फिर से अपने पति दंश के साथ मिलन का सौभाग्य मिलेगा।


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जवाब देंहटाएंThis story is quite engaging! It's filled with elements of mythology, drama, and suspense. The theme of sacrifice and redemption is well portrayed through the characters of Dansh and Nayantara. The narrative keeps the reader hooked till the end, especially with the unexpected twist of Dansh's fate. Overall, it's a compelling piece of storytelling.
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